रविवार, 27 मई, 2007

दिल्ली के सभी कवियों को निमंत्रण- एक शाम कविता के नाम

दोस्तो, बीते हफ्ते अपने एक मित्र के निमंत्रण पर मेरा साऊथ दिल्ली के ब्लू पिरामिड जाना हुआ , उस दिन मौसम भी कुछ नशीला सा था , दिल्ली पोएट्री के कुछ बेहद ही शानदार कवियों की महफ़िल जमी थी वहां , कविताओं और शायरी का दौर जब शुरू हुआ तो समां और भी खुशगवार हो गया , एक के बाद एक , श्रद्धा जी , पूनम जी , अमित, राधा सब का जादू सर चढ़ कर बोला , और अन्त में आयी सोने पे सुहागा शिबानी कश्यप जिन्होंने गिटार पर दो खूबसूरत गीत ऐसे गाये कि झूम उठी सारी महफ़िल .... सचमुच बहुत ही दिलकश थी वो शाम ..... दिल्ली और उसके आस पास रहने वाले सभी कवि मित्रों से मेरा अनुरोध है कि यदि वो भी इस महफ़िल का हिस्सा बनना चाहते हैं तो मुझे लिखें .... मैं आप का संदेश दिल्ली पोएट्री और ब्लू पिरामिड के कर्ता धर्ता अमित जी और विपुल जी तक ज़रूर पहुंचा दूंगा ये वादा है.... अगली गोष्टी ४ जून को है... इश्वर ने चाहा तो आप सब से वही मुलाक़ात होगी

2 टिप्पणियाँ:

अनूप शुक्ला ने कहा…

गोष्ठी का विवरण दीजिये भाई किसने क्या-क्या गाया?

sunita (shanoo) ने कहा…

नमस्कार शुक्ला जी हम भी गोष्ठी में हिस्सा लेना चाहते है...

सुनीता(शानू)