बुधवार, 26 सितंबर, 2007

सुनो हिंदी मेरी आवाज़ है -- धोनी

एक बडे कप की बाजी, १५ जोशीले नौजवान, एक अडिग नायक, जो परवाह नही करता हार की मगर खेलता है जीत के लिए, एक खेल जिसने पूरे हिंद को बुद्दु बक्से के सामने जकड लिया, एक कैच जिसे लेने मात्र पूरा देश ख़ुशी कि लहर में डूब गया, ये था क्रिकेट का जादू मैदान पर।
घर आये शेरों का जम कर स्वागत हुआ, हज़ारों लाखों की संख्या में लोगों ने किया अभिनन्दन, , जब सारे राजनेताओ के अंग्रेजी चोंचले खतम हुए, जब श्रेय ले ले कर सब अपनी अपनी पीठ थाप थापा चुके, और जब बारी आयी कप्तान के बोलने की तो धोनी ने मुह खोला और कहा, " बहुत हुई अंग्रेजी, अब कुछ हिंदी में बात की जाये " हिंदी पखावाडा मन रहे राजनेताओं को जब धोनी ने राष्ट्रभाषा की याद दिलायी तो चहरे देखने लायक थे उनके, यक़ीनन धोनी आज के हिंद का युवा है, जिसे अपनी भाषा अपने संस्कारों से परहेज नही है, वह निडर है और खुद्दार भी, सच धोनी तुमने सिर्फ मैदान में ही नही, मैदान से बाहर भी हम हिंदी प्रेमियों का सर गर्व से उंचा किया है, शायद धोनी समस्त विश्व को बता देना चाहता है कि -
मैं आज के हिंद का युवा हूँ,
मुझे आज के हिंद पर नाज़ है,
हिंदी है मेरे हिंद की धड़कन,
सुनो हिंदी मेरी आवाज़ है।

9 टिप्पणियाँ:

संजय बेंगाणी ने कहा…

यह जीत देशज भारत की जीत थी. हिन्दी पहली बार विजेता की भाषा बनी.

anuradha srivastav ने कहा…

कल धोनी को मैंने भी हिन्दी बोलते सुना था । मन ही मन प्रशंसा भी करी थी ।आज का युवा अक्सर कतराता है हिन्दी बोलने में खास तौर पर जनसमूह में जहाँ अधिकतर अंग्रेजी भाषा का उपयोग किया जा रहा हो उन सबके मध्य हिन्दी में बोलते सुनना एक सुखद अहसास सा था । निश्चित ही धोनी के हिन्दी में सम्बोधन ने सभी का ध्यान आकृष्ट किया है व एक सकारात्मक सोच व मातृभाषा के प्रति उनकी सजगता को जाहिर किया है ।

Manish ने कहा…

हम सब कुछ ही देर पहले वो वीडियो देख रहे थे जिसमें धोनी ने ऐसा कहा। सच, मन खुश हो गया!

mamta ने कहा…

तारीफ के काबिल !!
इसे कहते है धो डाला।

Sanjeet Tripathi ने कहा…

वाकई!! टी वी देखते हुए तब खुशी हुई जब हर्षा भोगले ने अंग्रेजी मे सवाल पूछा और धोनी ने कहा कि अंग्रेजी और मराठी मे बहुत कुछ कहा जा चुका है अब हिंदी में बात करें।

Shrish ने कहा…

धोनी आज की नौजवान पीढ़ी के लिए आदर्श हैं। ईश्वर करे वे देश का आगे भी नेतृत्व करते रहें।

Udan Tashtari ने कहा…

काबिले-तारीफ. और आपने तारीफ कर भी दी, आभार.

उन्मुक्त ने कहा…

मजा आ गया।

anitakumar ने कहा…

सजीव जी
धोनी ने वही किया जो उत्तर भारत का हर युवा चाह्ता है…हमारे ब्लोग पर आय आय टी के छात्रों पर एक लेख दिया है, देखेंगे तो आप जानेगे कि आज हर युवा क्या सोच रहा है…।हमारा भी सर गर्व से ऊँचा हो गय……।