मंगलवार, 2 अक्‍तूबर, 2007

भूल भुलैया






इन दिनो फ़िल्म "सांवरिया" के प्रोमो ने धूम मचा रखी है, प्रोमोस इतने दिलचस्प है कि फ़िल्म के प्रति उत्सुकता को बढ़ा जाती है, यूं भी संजय बंसाली की फिल्मों का किसे इंतज़ार नही रहता, मगर एक और टीसर है जिसने मेरा ध्यान अपनी और खीचा है इन दिनों, वो है फ़िल्म भूल-भुलैया का, प्रियदर्शन की यह फ़िल्म एक मलयालम सुपर हिट "मनीचित्रताजू" (रहस्य कि चाबी) की रीमेक है, (प्रियं की लगभग सभी फिल्मे रीमेक ही होती है, मुस्कराहट, गर्दिश, विरासत, भागम भाग, हेरा-फेरी, क्योंकि,ढोल इत्यादी इत्यादी )


यह मूल मलयालम फ़िल्म भारतीय सिने इतिहास में एक मील का पत्थर है, इसमे अभिनय किया है मोहनलाल (rgv के शोले वाले )और शोभना (मित्र वाली ) ने। यहाँ यह भी जान लीजिये की इस लाजवाब फ़िल्म मे अपने शानदार अभिनय के लिए शोभना ने राष्ट्रीय पुरस्कार भी जीता था, याद नही किस वर्ष की बात है, इस फ़िल्म की कहानी इतनी नयी और प्रस्तुतीकरण इतना जबर्दस्त है, कि आप टकटकी लगाए बस देखते चले जाते हैं, और ताजगी इतनी कि कम से कम ४ बार देख चुका हूँ, अभी फ़िर एक बार देख सकता .


इस महान फ़िल्म का रीमेक करना बहुत मुश्किल काम है, प्रीयन इस काम मे कितने सफल होंगे यह तो वक्त ही बतायेगा, अक्षय कुमार और विद्या बालन ( अच्छे कलाकार चुने हैं ) की इस फ़िल्म का मुझे इंतज़ार है, पर तब तक अगर मौका लगे तो मूल मलयालम फ़िल्म जरूर देखियेगा, किसी भी साऊथ इंडियन स्टोर में यह आपको उपलब्ध हो जायेगी, अगर आप भी फिल्मों को इबादत की तरह देखते हैं तो यह फ़िल्म आपके लिए "जरूरी" है.

2 टिप्पणियाँ:

Udan Tashtari ने कहा…

जरुर देखेंगे.

रंजू ने कहा…

हमे बहुत पसंद आई यह मूवी ..इतनी की सोच रहे हैं की अपनी साइक्लोजी की पढाई दुबारा शुरू कर दे :)